Tatloo Gang का सरगना चढ़ा पुलिस के हत्थे: गुरुग्राम में नकली सोना बेचकर ठगी करने वाला गिरफ्तार
14 से अधिक वारदातों में वांछित शातिर अपराधी, पुलिस हिरासत में उगलेगा राज

Tatloo Gang : 40 हजार नगद और नकली सोने के सिक्के बरामद
गुरुग्राम: साइबर सिटी में नकली सोना बेचकर ‘टटलू काटने’ वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड को आखिरकार गुरुग्राम पुलिस ने दबोच लिया है। खेड़की दौला थाना पुलिस और अपराध शाखा सेक्टर-43 की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस शातिर ठग को इफ्को चौक से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान भगवान दास (उम्र-22 वर्ष), निवासी बोलीपुर विजयपुर, मिर्जापुर (उत्तर-प्रदेश) के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ 14 से भी अधिक ठगी और चोरी के मामले दर्ज हैं।
ऐसे फंसाते थे जाल में भोले-भाले लोगों को पुलिस को 10 जनवरी 2026 को मिली एक शिकायत के अनुसार, पीड़ित को 7 जनवरी को फोन पर बातचीत के बाद भांगरोला चौक पर दो युवकों ने बुलाया। उन्होंने खुद को गरीब बताकर पैसे की जरूरत होने का नाटक किया। जब पीड़ित ने पैसे देने से मना किया, तो उन्होंने दावा किया कि उन्हें खुदाई में सोना मिला है और वे इसे सस्ते में बेचने को तैयार हैं। 9 जनवरी को फिर से मुलाकात हुई, जहां ठगों ने पीड़ित को सोने जैसे दिखने वाले 7 पताशेनुमा सिक्के दिखाए और उससे 1 लाख रुपये ठग लिए। बाद में जब पीड़ित ने उन सिक्कों की जांच करवाई, तो पता चला कि वह नकली सोना था।
मिर्जापुर का हिस्ट्रीशीटर, 14 से अधिक मामले दर्ज निरीक्षक नरेंद्र, इंचार्ज अपराध शाखा सैक्टर-43 की टीम ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए 11 जनवरी को ही आरोपी भगवान दास को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर 4 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि भगवान दास एक आदतन अपराधी है और मिर्जापुर के विंध्याचल थाने का ‘हिस्ट्रीशीटर’ भी है। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश में चोरी और ठगी के 14 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं।

बरामदगी और आगे की जांच पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सोने जैसे दिखने वाले 6 पताशेनुमा सिक्के और 40 हजार रुपये की नगदी बरामद की है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से गहनता से पूछताछ कर रही है ताकि उसके इस ‘टटलू गैंग’ के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। गुरुग्राम पुलिस इस अंतर्राज्यीय ठगी गिरोह की जड़ें खंगालने में जुटी है, ताकि भविष्य में इस तरह की वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके। अभियोग का अनुसंधान जारी है।











